बुरे समय में धैर्य से, होवे सुख से मेल ।।
दुनिया प्यासी प्रेम का, प्रेम सुधा तू बाॅट ।
थोथा थोथा फेक दे, ठोस बीज ले छाॅट ।।
कर्म बड़ा है भाग्य से, करें कर्म का मोल ।
ढोलक बोले थाप से, बोल सके न खोल ।।
मुखड़ा (युगल) आज बंधे दो मन एक डोर में सपनों की उजली भोर में तुम हाथ पकड़ कर साथ चलो मैं छाया बन जाऊँ हर मोड़ में आज बंधे दो मन एक डोर में अ...
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