‘नवाकार’

‘नवाकार’ हिन्दी कविताओं का संग्रह है,विशेषतः शिल्प प्रधन कविताओं का संग्रह है जिसमें काव्य की सभी विधाओं/शिल्पों पर कविता प्राप्त होगीं । विशषेकर छंद के विभिन्न शिल्प यथा दोहा, चौपाई कवित्त, गीतिका हरिगीतिका, सवैया आदि । जपानी विधि की कविता हाइकु, तोका, चोका । उर्दु साहित्य की विधा गजल, मुक्तक आदि की कवितायें इसमें आप पढ़ सकते हैं ।

प्रेम और संबंध में पहले आया कौन

/तुकबंदी/

एक प्रश्न आपसे पूछें 
प्रेम और संबंध में पहले आया कौन ।
जिसने भी सुना यह प्रश्न साध रखा मौन ।।

कहने लगे मुर्गी पहले आया कि अंडा ।
कुछ इसी प्रकार का है यह तुम्हारा फंडा ।।

नहीं नहीं आसान है ।
कहां तुम्हारा ध्यान है ।।
आओ इस प्रश्न से जूझें

एक प्रश्न आपसे पूछें 
प्रेम और संबंध में पहले आया कौन ।
जिसने भी सुना यह प्रश्न साध रखा मौन ।।

अच्छा चलो एक दूसरा प्रश्न पूछते हैं ।
आओ मिलकर इसी पर  जुझते हैं ।।

तुम्हारी मां ने तुझे बेटा मानकर पहले प्यार किया ।
या कि तुझे प्यार करने के बाद बेटा मान लिया ।।

पहले माना ।
या पहले जाना ।।
चलो इसी पर आप जूझें 

एक प्रश्न आपसे पूछें 
प्रेम और संबंध में पहले आया कौन ।
जिसने भी सुना यह प्रश्न साध रखा मौन ।।

चाहे संतान दुर्गुणी कुरूप हो ।
चाहे उसका सद्गुणी स्वरूप हो ।।

फिर भी मां उससे प्रेम करती है ।
अपने से ज्यादा उस पर मरती है ।।

अब तो इस पहेली को बुझें।
मन बुद्धि विवेक से जूझें ।।
एक प्रश्न आपसे पूछें 
प्रेम और संबंध में पहले आया कौन ।
जिसने भी सुना यह प्रश्न साध रखा मौन ।।


-रमेश चौहान

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