सैनिक की माँ पूछती, कब तक मरे जवान ।
लड़े बिना शहीद हुये, बेटा मेरे प्राण ।।
बेटा मेरे प्राण, दूध मेरा पीया है ।
मरा देश के नाम, देश हित ही जीया है ।।
मुझे नही मंजूर, मृत्यु वीरों का दैनिक ।
बिना लड़े इक युद्ध, मरे ना कोई सैनिक ।।
मुखड़ा करुणा करो हे खाटू श्याम, दया के सागर हो तुम हारे का सहारा श्याम, भवकूप का उजागर हो तुम करुणा करो हे खाटू श्याम, दया के सागर हो तुम म...
0 Comments:
एक टिप्पणी भेजें