ये
आग
बुझाये
कौन ? कैसे ?
फैल रहा है
आतंक ! आतंक !
जेहादी जुनून से।।1।।
या
मौला
या रब
कौन करे ?
फतवा जारी
मौला बैठे मौन
सहमे आतंक से ।।2।।
मुखड़ा (युगल) आज बंधे दो मन एक डोर में सपनों की उजली भोर में तुम हाथ पकड़ कर साथ चलो मैं छाया बन जाऊँ हर मोड़ में आज बंधे दो मन एक डोर में अ...
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