ये
मन
चंचल
है चाहता
तन छोड़ना
जैसे पत्ते डाल,
छोड़ कर भागता ।
मन
चंचल
है चाहता
तन छोड़ना
जैसे पत्ते डाल,
छोड़ कर भागता ।
मुखड़ा करुणा करो हे खाटू श्याम, दया के सागर हो तुम हारे का सहारा श्याम, भवकूप का उजागर हो तुम करुणा करो हे खाटू श्याम, दया के सागर हो तुम म...
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