जो
पत्ते
बिखरे
डाल छोड़े
हवा उड़ाये
बरखा भिगाये
धूल मिट्टी सड़ाये ।।
पत्ते
बिखरे
डाल छोड़े
हवा उड़ाये
बरखा भिगाये
धूल मिट्टी सड़ाये ।।
मुखड़ा करुणा करो हे खाटू श्याम, दया के सागर हो तुम हारे का सहारा श्याम, भवकूप का उजागर हो तुम करुणा करो हे खाटू श्याम, दया के सागर हो तुम म...
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