व्याकुल होकर मन मुकुर, ढूंढ़ रहा है प्यार ।
प्यार प्राण आधार है, इस बिन जग बेकार ।।
जग बेकार कहे सभी, जब मन होय अधीर ।
अधीरता ही पीर है, तजे इसे संसार ।।
मुखड़ा करुणा करो हे खाटू श्याम, दया के सागर हो तुम हारे का सहारा श्याम, भवकूप का उजागर हो तुम करुणा करो हे खाटू श्याम, दया के सागर हो तुम म...
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