अटल अटल है आपका, ध्रुव तरा सा नाम ।बोल रहा हर गांव में, पहुंच सड़क का काम ।।जोड़ दिए हर गांव को, मुख्य सड़क के साथ।गांव शहर से जब जुड़ा, कारज आया हाथ ।बदल दिया जीवन जगत, देकर हमें विचार ।आम लोग भी खाश हैं, दिए अटल आचार ।।लोकतंत्र का ध्येय जब, था धूसर तम श्याम।अंत्योदय का नाद कर, अटल किए निजी काम ।।स्वर्णिम चतुर्भुज योजना, गढ़ा...
शिक्षा: एक अच्छा नौकर है, मालिक नहीं
हमने विज्ञान का निबंधरटा था,विज्ञान एक अच्छा नौकर है,मालिक नहींआज एक समाचार पढ़ाएक मेजर के तीन लड़के थेखूब-पढ़ाया लिखायाऐशों आराम दौलत थमायासमय चक्र चलता गया,मेजर की पत्नी चल बसीबेटे पत्नियों से युक्तमेजर बूढ़ा हो चलाहाथ-पैर असक्तजुबान बंदवह बिस्तर का कैदी रह गया धन का कमी था नहींबेटे बाप को नौकर भरोसे छोड़विदेश चले गएमेजर के...
मुखौटा
उनके चेहरे परमहीन मुख श्रृंगारक लेप सा,भावों और विचारों काहै अदृश्य मुखौटामानवतावादी और सेक्युलरकहलाने वाले चेहरों कोमैं जब गौर से देखा,उनके चेहरे परपानी उलेड़ा तो मैंने पायान मानवतावादी मानवतावादी हैन ही सेक्युलर, सेक्युलरअपने विचारों केस्वजाति बंधुओं को हीवे समझते हैं मानवसेक्युलर भी विचार और आस्था से भिन्नप्राणियों को मानवकहां समझते...
चिंता या चिंतन
अनसुनी बातें सुनता रहा मैं अनकही बातें कहता रहा मैं अनदेखी दृश्य को देखकर ।विचारों की तंतुमन विबर की लार्वा सेतनता जा रहा थाउलझता-सुलझता हुआमन को हृदय की गहराई में देखकर ।।चिंता और चिंतन गाहे-बगाहे साथ हो चलेनैतिकता का दर्पण मेंअंकित छवि को देखकर...
आ लौट चलें
आ लौट चलें,चकाचौंध से, दृश्य प्रकाश परशोर-गुल से, श्रव्य ध्वनि परसपनों की निद्रा से, भोर उजास परआखिर शाखाओं का अस्तित्व मूल से तो ही है ।आ लौट चलेंगगन की ऊँचाई से, धरा धरातल पर सागर की गहराई से, अवलंब भू तट परशून्य तम अंधियारे से, टिमटिमाते लौ के हद परआखिर मन के पर को भी थाह चाहिए यथार्थ का ।।आ लौट चलेंदूसरों के कंधों से, अपने पैरों पररील लाइफ...
ओम
भोले बाबा शंभु हर, हर-हर शंकर ओम ।बोल बम्ब की नाद से, गूंज रहा है व्योम ।।गूंज रहा है व्योम, बम्ब भोले का नारा ।बोल बम्ब जयकार, लगे भक्तों को प्यारा ।।कांवर लेकर कांध, राह पर भगतन बोले ।करें कामना पूर्ण, शंभु शिव बाबा भोले...
आग लगी पेट्रोल पर (दोहागीत)
आग लगी पेट्रोल पर, धधक रहा है देश ।राज्य, केन्द्र सरकार को, तनिक नहीं है क्लेश ।।मँहगाई छूये गगन, जमीदोज है आय ।जनता अपनी पीर को, कैसे किसे बताय ।।राज व्यपारी का दिखे, नेता भी अलकेश ।आग लगी पेट्रोल पर, धधक रहा है देश ।(अलकेश-कुबेर)राज्य कहे है केन्द से, और केन्द्र तो राज्य ।कंदुक के इस खेल का, केवल दिखे सम्राज्य ।।इसका करें निदान अब, तज नाहक उपदेश...
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मानवता हो पंगु जब, करे कौन आचार । नैतिकता हो सुप्त जब, जागे भ्रष्टाचार ।। प्रथा कमीशन घूस हैे, छूट करे सरकार । नैतिकता के पाठ का,...
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जिसे भाता ना हो, छल कपट देखो जगत में । वही धोखा देते, खुद फिर रहे हैं फकत में ।। कभी तो आयेगा, तल पर परिंदा गगन से । उड़े चाहे ऊॅचे, मन...
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चरण पखारे शिष्य के, शाला में गुरू आज । शिष्य बने भगवान जब, गुरूजन के क्या काज ।। गुरूजन के क्या काज, स्कूल में भोजन पकते । पढ़ना-लिखना छ...
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गणेश वंदना दोहा - जो गणपति पूजन करे, ले श्रद्धा विश्वास । सकल आस पूरन करे, भक्तों के गणराज ।। चौपाई हे गौरा गौरी के लाला । हे ल...
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योग दिवस के राह से, खुला विश्व का द्वार । भारत गुरू था विश्व का, अब पुनः ले सम्हार ।। गौरव की यह बात है, गर्व करे हर कोय । अपने ही इस...
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लोकतंत्र के राज में, जनता ही भगवान । पाॅंच साल तक मौन रह, देते जो फरमान । द्वार द्वार नेता फिरे, जोड़े दोनो हाथ । दास कहे खुद को सदा, म...
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25.10.16 एक मंत्र है तंत्र का, खटमल बनकर चूस। झोली बोरी छोड़कर, बोरा भरकर ठूस ।। दंग हुआ यह देख कर, रंगे उनके हाथ । मूक बधिर बन आप ही, ...
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प्रेम का मै हू पुजारी, प्रेम मेरा आन है । प्रेम का भूखा खुदा भी, प्रेम ही भगवान है ।। वासना से तो परे यह, शुद्ध पावन गंग है । जीव में जी...
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चीं-चीं चिड़िया चहकती, मुर्गा देता बाँग । शीतल पवन सुगंध बन, महकाती सर्वांग ।। पुष्पकली पुष्पित हुई, निज पँखुडियाँ प्रसार । उद...
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मदिरापान कैसा है, इस देश समाज में । अमरबेल सा मानो, फैला जो हर साख में ।। पीने के सौ बहाने हैं, खुशी व गम साथ में । जड़ है नाश का दार...
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