शुक्रवार, 5 अगस्त 2016

गूॅंज रहे हैं व्योम

हर शिव हर शिव शिव शिव हर हर, शंभु सदाशिव ओम ।
हर हर महादेव शिव शंकर, गूॅंज रहे हैं व्योम ।।

परम सुहावन सावन आये, भक्त करे जयकार ।

साजे काॅवर कांधे पर ले, भक्त चले शिव द्वार ।।
दुग्ध शर्करा गंगा जल से, भक्त करे परिषेक ।
बेल पत्र अरू कनक पुष्प से, करे भक्त अभिषेक ।
आदिदेव को भक्त मनावे, करते आयुष्होम । हर हर महादेव...

अंग भभूती चंदन मल कर, करते हम श्रृंगार ।
हे कैलाशी घट घट वासी, कर लें अंगीकार ।।
जय जय शशिशेखर जय पशुपति, पाश विमोचन नाथ ।
सहज सरल हे भोले बाबा, करिये हमें सनाथ  ।।
एक अराध्य देव हमारे, जिनके माथे सोम । हर हर महादेव...



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