गुरुवार, 17 मार्च 2016

पिता ना कमतर माॅ से

माॅ से कमतर है कहां, देख पिता का प्यार ।
लालन पालन साथ में, हमसे करे दुलार ।
हमसे करे दुलार, पीर अपने शिश मढ़ते ।
मातु गढ़े है देह, पिता भी मन को गढ़ते ।।
बनकर मेरे ढाल, रखे हैं मुझको जाॅ से ।
पूर्ण करे हर चाह, पिता ना कमतर माॅ से ।।

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