शुक्रवार, 21 अप्रैल 2017

नष्ट मूल से कीजिये

राजनीति के जाल में, राष्ट्रप्रेम क्यो कैद ।
एक राष्ट्रद्रोही दिखे, दूजा प्रेमी बैद ।।

करें खूब आलोचना, लोकतंत्र के संग ।
द्रोह देष से क्यों करे, राजनीति के रंग ।।

सेलिब्रेटी मान्यजन, रहे नही अब मौन ।
नष्ट मूल से कीजिये, हर आतंकी दौन ।।
(दौन-दमन)

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