गुरुवार, 23 फ़रवरी 2017

एक राष्ट्र हो किस विधि

एक-दूजे के पूरक होकर
यथावत रखें संसार
पक्ष-विपक्ष राजनीति में
जनता के प्रतिनिधि
प्रतिवाद छोड़ सोचे जरा
एक राष्ट्र हो किस विधि
अपने पूँछ को शीश कहते
दिखाते क्यों चमत्कार
हरे रंग का तोता रहता
जिसका लाल रंग का चोंच
एक कहता बात सत्य है
दूजा लेता खरोच
सत्य को ओढ़ाते कफन
संसद के पहरेदार
सागर से भी चौड़े हो गये
सत्ता के गोताखोर
चारदीवारी के पहरेदार ही
निकले कुंदन चोर
राजनीति के वायरस से
सिस्टम हुआ बीमार
सिक्के के दो पहलू होते
वाहन के दो पहिये
दो-दो के हैं जोड़ जगत में
इन्हें शत्रु मत कहिये
समर्थक-विरोधी, बाल-वृद्ध
खास-आम, नर-नार
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