मंगलवार, 13 दिसंबर 2016

/त्रिष्टुप छंद//

(111 212 212 11)
विरह पीर से गोपियां व्रज
डगर जोहती श्यामनी तट
नयन ढूंढती श्याम का पथ
अधर श्याम है श्याम है घट
-रमेश चौहान
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