शनिवार, 10 दिसंबर 2016

पंक्ति एक जीवन है

पंक्ति एक जीवन है
साथी पंक्ति एक जीवन है ।
निर्धन यहाँ पंक्ति का कैदी, धरती का ठीवन है ।।
दो जून पेट का ही भरना, दीनों का तीवन है ।
आजीविका ढूंढते यौवन, शिक्षा का सीवन है ।।
यक्ष प्रश्न आज पूछथे क्यों, धन बिन क्या जीवन है ।
आँख मूंद कर बैठे रहना, राजा का खीवन है ।।
----------------------
(ठीवन-थूक, तीवन-पकवान, सीवन-सिलाई, खीवन-मतवालापन)
पंक्ति एक जीवन है
एक टिप्पणी भेजें